रुक-रुक कर उपवास करने से डायबिटीज कण्ट्रोल होगा

सुनियोजित तरीके से रुक-रुक कर उपवास करने से टाइप-2 डायबिटीज को दूर करने में मदद मिल सकती है. बी. ऍम. जे. वेबसाइट की रिपोर्ट में ऐसा लिखने वाले डॉक्टरों ने तीन रोगियों पर इसे आजमाने के बाद पूरी तरह से इंसुलिन उपचार की आवश्यकता को काटने में सफलता हासिल की है.

अमेरिका और कनाडा जैसे देशों में भी 10 में से लगभग एक व्यक्ति टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित है. सिर्फ अमेरिका और कनाडा ही नहीं, भारत में भी डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो अन्य गंभीर बीमारियों और शुरुआती मौत से जुड़ा है. ऐसा माना जाता है कि दुनियाभर में डायबिटीज के मरीज़ ब्लड ग्लूकोज को नियंत्रण में रखने के लिए प्रति वर्ष सैकड़ों बिलियन डॉलर खर्च कर देते हैं.

चिकित्सकों और जाने-माने लेखकों का कहना है कि जीवनशैली में बदलाव डायबिटीज को नियंत्रित रखने के लिए महत्वपूर्ण है. लेकिन आप जानते हैं कि आप अपने रक्त शर्करा के स्तर को हर वक़्त स्वयं नियंत्रित नहीं कर सकते हैं. कुछ लोग बेरिएट्रिक सर्जरी (एक गैस्ट्रिक बैंड) को प्रभावी मानते हैं, लेकिन इसके भी दुष्परिणाम हैं, अर्थात यह जोखिम के बिना नहीं है. ड्रग्स लक्षणों का प्रबंधन कर सकते हैं, और जटिलताओं को दूर करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन बीमारी को बढ़ने से नहीं रोक सकते. वे बीमारियों को अन्दर ही अन्दर और बढ़ाते हैं. आपको किसी ने जरूर कहा होगा कि अंग्रेजी दवाओं का नियमित सेवन करने के कई दुष्परिणाम होते हैं. इन दुष्परिणामों की वजह से आपकी जान भी जा सकती है.

कुछ महीने पहले की बात है, 40 और 67 वर्ष की आयु के तीन पुरुषों ने यह देखने के लिए कि क्या यह उनके डायबिटीज के लक्षणों को कम कर सकता है, रुक-रुक कर उपवास करने की योजना बनाई. वे अपनी डायबिटीज को नियंत्रित करने के साथ-साथ इन्सुलिन के दैनिक डोज को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न दवाइयां ले रहे थे. उन तीनों पुरुषों को टाइप-2 डायबिटीज के अलावा उच्च रक्तचाप और उच्च कोलेस्ट्रॉल भी था.

इस शोध में शामिल तीन में से दो पुरुषों ने पूरे 24 घंटे के लिए एक दिन छोड़कर एक दिन उपवास किया. और तीसरे व्यक्ति ने सप्ताह में तीन दिन तक उपवास किया. उन तीनों पुरुषों को उपवास के दिनों में उन्हें बहुत कम कैलोरी वाले पेय तथा भोजन लेने की अनुमति दी गई थी. आपकी जानकारी के लिये बता दूं कि वे लोग चाय या कॉफी, पानी या शोरबा पीते थे और शाम को एक बहुत कम कैलोरी वाला भोजन ग्रहण करते थे.

यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि डायबिटीज के इस शोध में शामिल उन तीनों पुरुषों ने डायबिटीज को कण्ट्रोल करने के लिये उपवास शुरू करने से पहले 6 घंटे की लंबी पोषण प्रशिक्षण संगोष्ठी में भाग लिया. और इस संगोष्ठी से मधुमेह कैसे विकसित होता है और शरीर पर इसके प्रभाव के बारे में जानकारी हासिल की. इस संगोष्ठी में उन्होंने इंसुलिन प्रतिरोध; पौष्टिक भोजन; और चिकित्सीय उपवास सहित आहार के माध्यम से डायबिटीज को कण्ट्रोल करने की कला सीखी.

सुनियोजित तरीके से रुक-रुक कर उपवास करके डायबिटीज को कण्ट्रोल करने के लिये उन तीनों व्यक्तियों ने 10 महीनों के लिए इस विधि का पालन किया. दस महीने बीत जाने के बाद उन तीनों व्यक्तियों का फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज, औसत ब्लड ग्लूकोज (एचबीए 1सी), वजन और कमर की परिधि को फिर से मापा गया.

डायबिटीज में सुनियोजित तरीके से रुक-रुक कर उपवास करके क्या फायदा है?

अब, आइये आपको बताते हैं कि रुक-रुक कर उपवास करने के बाद इस शोध का परिणाम क्या निकला. उपवास कार्यक्रम शुरू करने के एक महीने के भीतर तीनों पुरुष इंसुलिन इंजेक्शन से मुक्ति पाने में सक्षम थे. आपको यह जानकर शायद आश्चर्य होगा कि रुक-रुक कर उपवास करने के इस शोध में शामिल एक व्यक्ति को इन्सुलिन से मुक्ति पाने में केवल पांच दिन लगे.

इस शोध में शामिल तीन में से दो पुरुषों को डायबिटीज को नियंत्रित करनेवाली सभी दवाओं से मुक्ति मिली. जबकि रुक-रुक कर उपवास करने के इस शोध में शामिल एक व्यक्ति, जो डायबिटीज को कण्ट्रोल करने के लिए चार दवाओं का सेवन कर रहा था, को तीन दवाओं से मुक्ति मिली. इस शोध की जानकारी देने वाले लोगों का कहना है कि सुनियोजित तरीके से रुक-रुक कर उपवास करने से उन तीनों व्यक्तियों का 10-18% तक वजन कम हुआ. लेकिन, दिलचस्प बात यह है कि रुक-रुक कर उपवास करके उन्होंने अपने ब्लड ग्लूकोज की एवरेज रीडिंग को कम किया, जिससे भविष्य में होने वाली जटिलताओं का खतरा कम हो गया. इस शोध की प्रतिक्रिया भी सकारात्मक थी. शोध में शामिल तीनों पुरुषों ने किसी कठिनाई का सामना किये बिना ही डायबिटीज में ब्लड ग्लूकोज को नियंत्रित करने के लिये एक दिन छोड़कर एक दिन सुनियोजित तरीके से उपवास करने के कार्यक्रम का पालन किया.

जानकारी के अनुसार, यह एक प्रकार का अवलोकन अध्ययन है. अर्थात यह शोध दुनिया में जीवित डायबिटीज के करोड़ों मरीजों में से सिर्फ तीन पुरूषों पर किया गया है. इस प्रकार, आप कह सकते हैं कि टाइप-2 डायबिटीज के इलाज़ में सफलता हासिल करने के लिए दृढ़ निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है.

कई वेबसाइट लिखते हैं कि टाइप-2 डायबिटीज को कण्ट्रोल करने के लिये एक दिन छोड़कर एक दिन सुनियोजित तरीके से रुक-रुक कर उपवास करना अभी प्रचलन में नहीं है क्योंकि डायबिटीज के मरीजों तक यह बात अभी तक ठीक से पहुँच नहीं पाई है. लेकिन इस शोध से एक बात स्पष्ट हो जाता है कि एक दिन छोड़कर एक दिन सुनियोजित तरीके से रुक-रुक कर उपवास करने से डायबिटीज को कण्ट्रोल करनेवाली अंग्रेजी दवाओं से मुक्ति मिल सकती है. लेकिन डायबिटीज से पीड़ित होने के बावजूद अगर आप उपवास नहीं कर सकते तो इस डाइट चार्ट को फॉलो करें.

आपकी क्या राय है? लिखने में संकोच न करें.

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