Indus Viva I-Coffee with Creamer for Diabetes

Indus Viva I-Coffee with Creamer for Diabetes

आपकी डायबिटीज चाहे कितनी भी पुरानी हो, Indus Viva I-Coffee का सेवन करने के बाद आप अपनी दवाओं से ज्यादा फायदा पायेंगे. यहाँ तक कि डायबिटीज की वजह से जिस मरीज़ के जिस्म के किसी हिस्से को काटने की सलाह भी दी गयी हो, तब भी. इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें. थोड़ी लम्बी है, लेकिन ज्ञान कूट-कूट कर भरा है. अगर हो सके तो इसे आगे भी फॉरवर्ड कर दें, क्या पता किसी ज़रूरतमंद को वक़्त पर मिल जाये. शुक्रिया.

हम जो कुछ भी खाते हैं, हमारा शरीर उसी का परिणाम होता है.  हम सब प्रदूषित वातावरण में रहते है. ऐसे में संतुलित आहार शरीर के लिए बेहद जरूरी है. जब मेडिकल चेकअप के लिए डॉक्टर के पास जाते हैं, तो आपको पता चलता है कि आपके ब्लड में शुगर का लेवल पहले से बढ़ गया है. लेकिन आपको इसकी भनक तक नहीं होती.

ऐसी कई और बीमारियाँ हैं जिन्हें साइलेंट किलर के नाम से जाना जाता है. लेकिन एक सत्य यह भी है कि यह सब बीमारियाँ आपके खानपान की आदतों की वजह से होती है. डायबिटीज (मधुमेह) एक बहुत ही आम और खतरनाक बिमारी है. भारत में हर पांच में से एक व्यक्ति को डायबिटीज है.

डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जिसमें रोगी के खून में ग्लूकोज़ की मात्रा आवश्यकता से अधिक हो जाती है. ऐसा दो वजहों से हो सकता है. या तो आपका शरीर पर्याप्त मात्रा में इन्सुलिन का निर्माण नहीं कर रहा है या फिर आपकी कोशिकाएँ बन रही इंसुलिन पर प्रतिक्रिया नहीं कर रही है.

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इंसुलिन एक हारमोन है. यह आपके शरीर में कार्बोहायड्रेट और फैट के मेटाबोलिज्म को कण्ट्रोल करता है. मेटाबोलिज्म से तात्पर्य है उस प्रक्रिया से, जिसमें शरीर खाने को पचाता है. ताकि शरीर को उर्जा मिल सके, और उसका विकास हो सके.

आज से लगभग पाँच हज़ार साल पहले, महर्षि चरक ने अपनी पुस्तक चरक संहिता में लिखा कि सप्तरंगी एक ऐसी जड़ी है जो पैंक्रियाज को एक्टिव कर देती है.  बाद में विश्व स्वास्थ्य संगठन और अमेरिका की फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (USFDA) ने भी माना कि सप्तरंगी में पैंक्रियाज को एक्टिव करने की क्षमता है. अमेरिकन जर्नल ऑफ़ क्लिनिकल न्यूट्रीशन ने लिखा है कि भारतीय चिकित्सा के पारंपरिक आयुर्वेदिक पद्धति में सप्तरंगी के पौधे का प्रयोग डायबिटीज जैसी बिमारियों के लिए किया जाता रहा है

फिलहाल जापान में डायबिटीज और मोटापा के उपचार के लिए फ़ूड सप्लीमेंट और कमर्शियल फूड्स में सप्तरंगी का सेवन किया जाता है.

Indus Viva I-Coffee में सप्तरंगी के अतिरिक्त विजयसार और वाइट किडनी बीन भी है. यह वास्तव में औषधिय कॉफ़ी है. जिसका स्वाद पीने में कॉफी की तरह लगता है. और यह कॉफी पेन्क्रियास को एक्टिव कर देती है. दुनिया की सबसे बेहतर इन्वेस्टमेंट की जगह कौन सी हैं? हमारा अपना खुद का शरीर.

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हम में से कुछ लोग ब्रांडेड कपड़े पहनना चाहते हैं. ब्रांडेड टीवी, ब्रांडेड मोबाइल, ब्रांडेड घड़ियां इस्तेमाल करते हैं, अच्छी से अच्छी गाड़ियां खरीदकर उसमें घूमना चाहते हैं. लेकिन अपने शरीर को अच्छा न्यूट्रिशन देने को पैसे की बर्बादी समझते हैं. ऐसे लोगों के बारे में यही कहा जा सकता है कि ऐसे लोग या तो अपने शरीर की कीमत को समझते ही नहीं हैं या समझकर नज़रअंदाज़ कर रहे हैं.

शायद उन्हें ऐसा लगता होगा कि बीमार होनेपर एक गोली खा लेने से वो फिट हो जायेंगे.

क्या आपने कभी सुना है कि परासितामोल या डिस्प्रिन या कोई भी दवा ना खा पाने के कारण कभी कोई बीमार हुआ है? कोई नहीं मिलेगा. लेकिन अगर आपके शरीर में एक भी विटामिन या मिनरल की कमी होगी तो उसकी कमी से शरीर में कोई भी बीमारी कभी भी हो सकती है.

कुछ लोग कहते हैं कि डायबिटीज का उपचार कराने का खर्च हमारे वश की बात नहीं है. अगर आप गरीब हैं, तो आपका बर्बाद होना तय है. और अगर पैसे वाले हैं, तो और भी बुरी स्थिती होगी. कई वर्षो तक डायबिटीज का विभिन्न तरह का उपचार लेकर लाखों रुपये खर्च करने वाले लोग कहते हैं कि बीमारी जीने नहीं देती है और पैसा मरने नहीं देता है.

इसलिए अपना और अपने परिवार के खान पान पर विशेष ध्यान रखना बहुत जरुरी है. इंसान के शरीर के हर अंग जैसे- किडनी, लीवर, हार्ट, फेफड़े, इत्यादि को काम करने के लिए केवल अच्छे न्यूट्रिशन की ज़रुरत होती है. दवाओं की नही. हम इस वजह से बीमार नहीं होते कि हमने दवा नहीं खाई. हम इस वजह से बीमार होते हैं कि हमने अच्छा, शुध्द और पूर्ण भोजन नहीं खाया.  और भोजन ही दवा है.

जब आपका खाना अच्छा, शुध्द और पूर्ण नहीं होगा तो कुछ समय बाद आपको दवा और डॉक्टर की ज़रूरत पडेगी. खाना खाने से भी ज्याद ज़रूरी हैं – जो आपने खाया कही वो पचने के बजाय खाना सड़ तो नहीं रहा. खाना पचेगा नहीं तो सड़ेगा,  तब कई बीमारियाँ जन्म लेगी. जैसे गैस का बनाना, बदहजमी, फूँसी, आदि.


आज के समय मे कुछ भी शुध्द नहीं रहा. हवा, पानी और भोजन. और यही वजह हैं कि हम बिमारियों की तरफ़ ना चाहते हुऐ बढ़ रहे हैं. डॉक्टर भी अंग्रेजी दवा देने से पहले अच्छा खाने की सलाह देते हैं. डॉक्टर को पता है कि दवा काम करे या ना करे, एक संतुलित आहार ज़रूर बीमारी से लड़ने में आपकी मदद करेगा.

और सबसे ज़रूरी बात जो अंग्रेजी दवा के बारे मे हैं. शायद आपको पहले से पता हो, लेकिन फिर भी बता रहा हूँ. कोई भी अंग्रेजी दवा अपना काम करे या ना करे, पर हर अंग्रेजी दवा का मानव शरीर पर बुरा असर ज़रूर होता है. इसलिये तो डायबिटीज का मरीज, कभी शुगर की वजह से नहीं मरता. जब भी मरता है – या तो किडनी फेलियर की वज़ह से या फिर हार्ट अटैक की वजह से.

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अगर हम अपने शरीर पर इन्वेस्ट नहीं करेंगे तो आने वाले समय मैं हम केवल और केवल कुछ डॉक्टर्स का भला करने जा रहे हैं. और बदले में हमें तनाव और बर्बादी के अलावा कुछ भी मिलने वाला नहीं है. डॉक्टर गलत नहीं हैं.  पर अगर आज के डॉक्टर आने वाले कल के न्यूट्रिश्निस्ट नहीं बने तो आज के न्यूट्रिश्निस्ट कल के डॉक्टर बन जायेंगे. एक बहुत ही मजेदार किंतु सत्य बात बताता हूँ आपको.

अगर दवा बीमारी को ठीक करती तो फिर अधिकतर डॉक्टर को ब्लड प्रेशर, शुगर, हार्ट की समस्या क्यों होती है? जबकी दवा की कोई कमी नहीं है उनके पास? दवा से बीमारी ठीक नहीं हो सकती, यही बात है. हमारे बुजुर्ग कहते हैं कि शरीर को बेस्ट न्यूट्रिशन देकर हम सब एक स्वस्थ जीवन का आनंद उठा सकते हैं. क्योंकि पहला सुख निरोगी काया, दूजा सुख जेब में हो माया.

Indus Viva I-Coffee बहुत ही स्वादिष्ट ड्रिंक है. इस कॉफ़ी के मुख्य घटक सालेशिया रेटिकुलता, मेथी, सफेद बीन कॉफी और कुर्ग क्षेत्र की कॉफ़ी तथा कई दूसरी महत्वपूर्ण जड़ी-बूटियाँ (हर्ब्स) हैं. कुर्ग भारत के कर्नाटक राज्य में एक जगह है जहाँ कुर्ग क्षेत्र की यह बेहतरीन कॉफ़ी तैयार होती है.

सालेशिया रेटिकुलता को ही हिंदी में सप्तरंगी कहते हैं. यह महत्वपूर्ण जड़ी-बूटियों में से एक है जो ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करता है. Indus Viva I-Coffee का सेवन दो तरह के व्यक्ति ही कर सकते है. एक जिन्हें डायबिटीज हो. दूसरा व्यक्ति वह है जिसे डायबिटीज न हो. कम शब्दों में कहें तो इस कॉफ़ी का सेवन कोई भी व्यक्ति कर सकता है.

अगर आपको डायबिटीज है तो इस कॉफ़ी का सेवन करने से आपको ब्लड शुगर का लेवल घटाने में काफी मदद मिलेगी. लेकिन अगर आपको डायबिटीज नहीं है तो इस कॉफ़ी का सेवन करने से आपको डायबिटीज होने की संभावना बिलकुल ख़त्म हो सकती है. इसमें एन्टी-ऑक्सीडेंट भी है जो इम्यून लेवल को बढ़ा सकता है.

Indus Viva I-Coffee एक हर्बल कॉफ़ी ड्रिंक है, जिसमें जड़ी-बूटियों के अर्क का कॉफ़ी बेस के साथ सहक्रियात्मक संयोजन है. यह सहक्रियात्मक संयोजन ब्लड शुगर मैनेजमेंट के सिस्टम को स्वस्थ बना देता है. इस हर्बल मिश्रण में सप्तरंगी, मेथी, सफेद बीन कॉफी और कुर्ग क्षेत्र की कॉफ़ी इत्यादि के पौधों का अर्क है.

Indus Viva I-Coffee एक पीसा हुआ पेय पदार्थ है जो कॉफ़ी की प्रजाति की एक सदाबहार झाड़ी के भुना हुआ बीज से तैयार किया जाता है. कॉफ़ी में मौजूद कैफीन इसका एक प्रमुख सक्रिय घटक है. नार्मल डोज लेने पर यह एक उत्तेजक का काम करता है. हम आम तौर पर कॉफ़ी का सेवन तभी करते हैं जब मानसिक सतर्कता बढ़ानी हो या शारीरिक थकान मिटाना हो.

Indus Viva I-Coffee का एक कप दिमाग को ताज़ा करती है और व्यक्ति के ब्लड शुगर मैनेजमेंट सिस्टम को मज़बूत बनाती है.

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Indus Viva I-Coffee के फायदे

  • यह कॉफ़ी हमारे दिमाग, त्वचा और शरीर के लिए काफी लाभकारी है. हमारे स्वास्थ्य को सुधारने के लिए इसमें एन्टी-ऑक्सीडेंट्स और लाभकारी पोषक तत्वों की भरमार है.
  • यह कॉफ़ी ब्लड शुगर नियंत्रित करने में मदद करता है.
  • यह कॉफ़ी आपके एनर्जी लेवल को बढ़ाकर आपको स्मार्ट बना सकता है.
  • Indus Viva I-Coffee में पाया जानेवाला एक प्राकृतिक पदार्थ चर्बी को जलाने में मदद करता है.
  • यह कॉफ़ी आपके शारीरिक प्रदर्शन को काफी बढ़ा सकता है.
  • यह कॉफ़ी आपके दिमाग को लम्बे समय तक स्वस्थ रख सकता है.
  • यह कॉफ़ी लीवर के लिए रक्षात्मक है.
  • इस हर्बल कॉफ़ी को पीने से आपकी आयु लम्बी हो सकती है.

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