धूम्रपान डायबिटीज रोगियों के लिए अधिक खतरनाक है.

धूम्रपान डायबिटीज से पीड़ित रोगियों के लिए अधिक खतरनाक है

क्या आप डायबिटीज से पीड़ित हैं? क्या आप धूम्रपान करते हैं? क्या आपके आसपास के लोग धूम्रपान करते हैं? हम सभी जानते हैं कि धूम्रपान कैंसर का एक सीधा कारण है. लेकिन अगर आपको मधुमेह है और आप धूम्रपान करते हैं – जिसमें निष्क्रिय धूम्रपान भी शामिल है – तो आपको अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है.

वो सात कारण जिसकी वजह से धूम्रपान करना मधुमेह रोगियों के लिए बहुत बुरा विचार है.

  1. अगर आपको डायबिटीज है और आप धुम्रपान करते हैं तो आपको तंत्रिका क्षति (न्यूरोपैथी) होने की अधिक संभावना है. ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि धूम्रपान आपके रक्त परिसंचरण को प्रभावित करता है. और बदले में आपकी तंत्रिकाओं तक वैसे पोषक तत्व नहीं पहुँच पाते जिनकी उन्हें ज़रूरत होती है. यदि यह घटना आपके पैरों की तंत्रिकाओं के साथ होता है, तो यह घावों और संक्रमणों को जन्म दे सकता है. और अगर इसका ठीक से उपचार नहीं किया जाता है, तो रोगियों को अंग विच्छेदन के कष्ट से भी गुजरना पड़ सकता है.
  2. धुम्रपान करनेवाले डायबिटीज के मरीज़ के साथ एक बढ़ा हुआ जोखिम जुड़ जाता है, जिसे आप वास्तव में दोगुना जोखिम कह सकते हैं. आपके जोड़ों (जॉइंट्स) की गतिशीलता सिमित हो सकती है. झुकने की कोशिश करना, सीढ़ियों पर चढ़ने या जब आपके जोड़ों में दर्द हो तो कुछ उठाना वास्तव में बहुत दर्दनाक होता है. फिर इन चीज़ों को करने में मधुमेह रोगियों को कोई मज़ा नहीं आता है.
  3. डायबिटीज से पीड़ित मरीज़ अगर अत्यधिक धूम्रपान करे तो गुर्दा (किडनी) की बीमारी विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है.
  4. जब कोई धुम्रपान करता है तो उसका ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है. और जब आप अपने ब्लड प्रेशर को बढ़ाते हैं तो रक्तचाप में वृद्धि से हृदय रोग का वास्तविक खतरा पैदा होता है.
  5. अनुसंधानों से पता चलता है कि डायबिटीज से पीड़ित मरीज़ अगर धुम्रपान करना बंद न करे तो हृदयरोग से मृत्यु होने का जोखिम तीन गुना बढ़ जाता है.
  6. धूम्रपान करने से रक्त शर्करा के स्तर में वृद्धि होती है. इससे आपके मधुमेह को नियंत्रित करना और अधिक मुश्किल हो जाता है, क्योंकि आपके ग्लूकोज के स्तर में नाटकीय रूप बदलाव होते हैं. यह, बदले में, आपको अन्य समस्याओं की ओर ले जाता है.
  7. धुम्रपान करने से आपके कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी बढ़ जाता है, जिससे दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है.

वास्तव में धूम्रपान और निष्क्रिय धूम्रपान मधुमेह प्रबंधन के हर पहलू पर गंभीरता से हानिकारक प्रभाव डालता है.

इसलिये नीचे लिखी बातों को सदा याद रखें:

  • एचबीए1सी – 3 महीने की अवधि के दौरान आपके रक्त में ग्लूकोज की माप.
  • आपका रक्तचाप- आपका रक्तचाप 130/80 के नीचे होना चाहिए.
  • आपके कोलेस्ट्रॉल का स्तर: कोलेस्ट्रॉल के स्तर में एलडीएल, एचडीएल और ट्राइग्लिसराइड्स शामिल हैं. आपका एलडीएल 100 से नीचे होना चाहिए. एचडीएल स्तर 40 (पुरुषों के लिए) और 50 से ऊपर (महिलाओं के लिए) होना चाहिए. ट्राइग्लिसराइड्स 150 से नीचे होनी चाहिए.

और, ज़ाहिर है, आपको यह बात नहीं भूलनी चाहिये कि डायबिटीज से पीड़ित मरीजों में कैंसर का सिद्ध जोखिम है! प्राकृतिक रूप से डायबिटीज को नियंत्रण में रखने के लिए अभी डाउनलोड करें: डायबिटीज का मेटाबोलिक डाइट चार्ट.

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इन्सुलिन हमारे शरीर पर क्या असर डालती है? हिंदी में पढ़ें.

इन्सुलिन हमें कैसे प्रभावित करती है

अगर आप यह जानना चाहते हैं कि हमारे ब्लड शुगर के स्तरों को नियंत्रित करने के लिए कौन सा खाद्य पदार्थ सबसे अच्छा और कौन सा खाद्य पदार्थ सबसे खराब है तो आपको ग्लाइसेमिक इंडेक्स को ठीक तरह से समझना चाहिए. जैसा कि आपने पहले भी पढ़ा है, जब ब्लड में शुगर का स्तर बहुत अधिक हो जाता है, तो ग्लूकोज को फैलाने के उद्देश्य से पैंक्रियाज (अग्न्याशय) के द्वारा इन्सुलिन को खून में छोड़ दिया जाता है.

इन्सुलिन का काम ग्लूकोज को उन कोशिकाओं तक पहुँचाना है जिन्हें एक्स्ट्रा एनर्जी की जरुरत होती है. कोशिकाओं में “इन्सुलिन रिसेप्टर्स” होते हैं. इन इन्सुलिन रिसेप्टर्स की मदद से इन्सुलिन कोशिकाओं में ग्लूकोज प्रविष्टि और उपयोग की सुविधा प्रदान करती है.

जब ग्लूकोज कोशिकाओं के अंदर प्रवेश कर जाती है, तो गर्मी और एडेनोसिन ट्राइफ़ोसाइफेट (एटीपी) का उत्पादन करने के लिए इसे जला दिया जाता है. एडेनोसिन ट्राइफ़ोसाइफेट एक मॉलिक्यूल है जो सेल की जरुरत के हिसाब से ऊर्जा भंडार और रिहाई करता है.

जब कोशिकाएँ इंसुलिन के प्रभाव की वजह से कम संवेदनशील हो जाती हैं, तो वे ग्लूकोज को स्वीकार करना कम कर देती हैं. और इस प्रकार खून में सामान्य अवशेषों की तुलना में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है. क्या आप इसके परिणाम का अंदाज़ा लगा सकते हैं? पैंक्रियाज (अग्न्याशय) क्षतिपूर्ति करने के लिये कड़ी मेहनत करके और अधिक इंसुलिन जारी करती है.

इंसुलिन-असंवेदनशीलता और इंसुलिन के अधिक उत्पादन का यह संयोजन आम तौर पर इन दोनों में से एक परिणाम की तरफ ले जाता है.

  1. या तो, पैंक्रियाज बहुत अधिक थक जाती है और इंसुलिन उत्पादन असामान्य रूप से निम्न स्तरों पर धीमा पड़ जाता है. इसका परिणाम यह होता है कि हम टाइप-2 डायबिटीज के शिकार हो जाते हैं.
  2. या फिर, लगभग 30 प्रतिशत मामलों में इंसुलिन प्रतिरोधी रोगी डायबिटीज का शिकार नहीं बनता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पैंक्रियाज पर्याप्त इन्सुलिन का उत्पादन जारी रखती है. लेकिन इसके बजाय, मरीज़ हाइपरइन्सुलिनिज्म (ब्लड में इन्सुलिन का असामान्य रूप से उच्च स्तर होना) का शिकार हो जाता है.

इन्सुलिन और हाइपरइन्सुलिनिज्म

हाइपरइन्सुलिनिज्म का मतलब होता है – ब्लड में इन्सुलिन का असामान्य रूप से उच्च स्तर होना. इसकी वजह से मरीज़ को कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. जैसे – पुराने मोटापे के साथ-साथ उच्च रक्तचाप, ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर बढ़ जाना, एचडीएल यानि अच्छा कोलेस्ट्रॉल कम हो जाना, हृदय रोग और संभवतः कुछ कैंसर का शिकार हो जाना आदि.

निम्न ग्लाइसेमिक इंडेक्स का भोजन खाने से इन्सुलिन का स्तर कम हो जाता है. क्योंकि कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थ ग्लूकोज में बहुत धीरे-धीरे परिवर्तित होते हैं, जिससे कम इन्सुलिन का उत्पादन होता है.

ध्यान रखें कि इस विषय पर यह अंतिम आर्टिकल नहीं है. इन्सुलिन असंवेदनशीलता और इन्सुलिन के स्तर और मोटापे के बीच का रिश्ता पता लगाने के लिए अनुसन्धान चल रहा है.

इन्सुलिन

हालांकि, उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थों और उच्च वसा वाले फास्ट-फूड का अत्यधिक सेवन चिंता का एक प्रमुख कारण है. ग्लाइसेमिक इंडेक्स के नाम से विख्यात नया कार्बोहाइड्रेट वर्गीकरण प्रणाली ब्लड ग्लूकोज के स्तर पर तत्काल प्रभाव के अनुसार खाद्य पदार्थों में कार्बोहाइड्रेट की गुणवत्ता का पता लगाता है.

इस प्रकार, पाचन के दौरान तेजी से ग्लूकोज में बदलने वाले कार्बोहाइड्रेट्स जिनकी वजह से ग्लूकोज के स्तर में तेज़ी से वृद्धि हो सकती है, उनमें उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स वैल्यू है. लेकिन वैसे कार्बोहाइड्रेट्स जो बहुत धीरे-धीरे ग्लूकोज में बदलते हैं, उन्हें इंटरमीडिएट या कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वैल्यू दिया जाता है.

अगर आप ग्लाइसेमिक इंडेक्स वैल्यू को खुद नहीं समझ पाते हैं तो मेटाबोलिक डाइट चार्ट को अपनाने की कोशिश करें. इसे आप फ्री में डाउनलोड कर सकते हैं.

Personal Development with Positive Attitude

Personal Development with Positive Attitude

Wow… You found this article. Rest assured! By the time you finish reading this piece of information about personal development, you will truly understand why a majority of population is not able to utilize its full potential.

Okay. You can’t disagree that the only way to limit your true potential is to stop or never start investing in your personal development.

Investing in personal development can change our life completely. If you want to experience a whole new work life and lead a respectful personal life, you must start this investment today.

Why? The reply is simple. This is because, our entire life is affected by personal development.

It disappoints me when I read that many people don’t even try to improve themselves. These people always keep wondering why they are not able to get success in any walk of their lives.

Personal Development Tips

If you find yourself to be in the situation described above, you must decide, commit and start using the guidelines mentioned below to help yourself.

Are you ready?

Follow these guidelines to boost your personal development.

Be Determined to Shape Your Life

You won’t be able to decide what you want from your life until you have a vision. Your vision will ultimately help you determine what kind of life you want to live.

You must balance the changes that you need to make in your professional and personal life. Deciding what kinds of changes you want professionally as well as personally will help you in creating this balance. Try as hard as you may, both of them will ultimately overlap.

Let’s take an example. If you determine to be more helpful to others, this determination will affect both of your lives. There are certain aspects of our personal development that may appear to be specific to our personal life. But the reality is just opposite. These aspects are eventually carried over to our professional life.

If we decide to sharpen our skills and talents as a political leader, the improved skills and talents are easily incorporated into our professional career. Identifying and determining what these new skills and talents are going to look like gradually leads to success.

Plan According to Your Current Situation

It is essential to assess your current situation once you decide to invest in your personal development. Determining where you stand with your life at present will help you avoid making any mistake when making any changes in your life.

While formulating a successful plan to make the necessary changes in your life you must start with determining your strengths and weaknesses.

Set Your Goals for Personal Development

Once you complete the process of determining your strengths and weaknesses, you will be ready to create some goals for yourself. And the next step is to work hard to complete those goals.

It is always helpful to set high level goals for yourself. And choose some action steps as well. While choosing these action steps, remember that, it is very important to set milestones with fixed time-frame.

Don’t Avoid Alternatives

There can be certain actions or goals that simply can’t be met for valid reasons. That is why, instead of stopping the entire process you need to consider some alternative steps to achieve your personal development goals. Don’t be attracted to these steps simply because they are easier to achieve than your main goals. Be careful!

Keep Evaluating Your Action Steps

As soon as you meet a milestone, start evaluating the performance of your plan of action steps against what you did to achieve it. You’ll surely agree with me that it is very important to be realistic and truthful. That’s why, it is considered to be an important step towards personal development.

But, how to do so? The best way to evaluate the performance is to get someone else do it for you. You may not like this suggestion, but the benefits of following this suggestion will leave you with no other options. Try it once, it is really worth it.

Personal Development

Keep Your Plan Simple and Realistic

There is a famous saying, “Well begun if half done.” If you want to set yourself up for success, you must carefully add obtainable goals to your plan. Choosing unobtainable goals may set you up for failure. Being realistic about your capabilities will help you try to push yourself up for success with a positive attitude.

For further information on the topic, have a look at these.

BUY A FARMLAND AND A FARMHOUSE IN KOLAD

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Raigad district in Maharashtra entertains numerous adventure loving people in its Kolad Village all the twelve months in a year. This village is situated on the bank of the Kundalika River.

Kolad is gaining the status of a prestigious adventure hub of Maharashtra. You can enjoy the facility of White Water Rafting on Kundalika River in this village throughout the year. This facility is the only one of its kind that operates round the year in Maharashtra.

This acclaimed town is home to numerous farmhouse stays and adventure activity related stays.

Beginners can experience a decent Water Rafting or Boating in Kolad.

There are various farm oriented adventure activities around this famous village that offer a scope of adventure exercises along with Water Rafting. This motivates corporate groups to visit this farmland amid rainstorm for corporate gatherings and adventures.

If you are planning any adventure oriented stay in Maharashtra, this adventure oriented village can be your favourite destination.

If Mumbai is the Economic capital of India, Kolad is considered to be the adventure capital of Maharashtra.

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How to reach Kolad in Maharashtra?

This destination is 160 km away from Mumbai. And if you are coming from Pune, it is only 120 km from city. You can reach this famous place through the Mumbai-Panvel-Goa Route.

If you are living outside Maharshtra and want to reach Kolad by air, you should consider any of the three nearest airports.

  1. Pune – 120 kms from the spot.
  2. Mumbai – 160 kms from the spot.
  3. Shirdi – 340 kms from the spot.

If you plan to visit this destination in Maharashtra by train, the nearest railway station is Kolad itself. Mumbaikars can reach this destination by a day train which connects it with Mumbai.

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This adventurous village is gaining fast popularity because of a number of resorts that provide river rafting facilities on the Kundalika River. There is no option as good as the Kundalika River in Kolad for for white water rafting in Maharastra.

Do you know that Kundalika River Rafting is being promoted through the official website of the Maharashtra Government? Do you wan’t to buy a farmhouse and a farmhouse? Please let us know on WhatsApp.

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प्राकृतिक उपचार और सदियों पुरानी गुप्त चिकित्सा का सच

प्राकृतिक उपचार और सदियों पुरानी गुप्त चिकित्सा का सच - 5000 Year-Old Medical Secret Unearthed

आजकल दुनियाभर में प्राकृतिक उपचार की धूम है. फिर भी, जब कभी भी आप बीमार पड़ते हैं, तो आप थक हारकर डॉक्टर के पास जाते हैं. और जब डॉक्टर के पास आप जायेंगे, निश्चित रूप से, वे दवाइयां लिखेंगे. आप सीधे दवा दुकान की तरफ जायेंगे और दवाएं खरीद लायेंगे. आप बड़ी उम्मीद के साथ उन दवाओं का सेवन करते हैं, और अच्छी तरह से ठीक भी हो जाते हैं. आजकल स्वास्थ्य पेशे में ठीक इसी तरह से निदान (डायग्नोसिस) और नुस्खे (प्रिस्क्रिप्शन) का चक्र चलता है. लेकिन सदियों पुरानी एक गुप्त चिकित्सा जिसके बारे में हम इस पेज पर बात करनेवाले हैं, पूरा पढने के बाद नीचे कमेंट करके आप बताएँ कि यह गुप्त कैसे रह गई?

अगर कोई आपको दवा के रूप में जड़ी-बूटियाँ लेने को कहता, तो आप शायद कहते कि वह व्यक्ति एक भोला आदमी (क्वेक) था. लेकिन आजकल, यह देखने के लिए अध्ययन किए जा रहे हैं कि वास्तव में जो जड़ी-बूटियाँ प्राकृतिक औषधि कहलाती है उनमें कोई औषधिय गुण है या नहीं.

प्राकृतिक उपचार में प्राकृतिक तरीकों से, हर्बल दवाओं और पारंपरिक प्रथाओं का उपयोग करके बीमारियों को ठीक किया जाता है. हर संस्कृति में प्राकृतिक चिकित्सा का एक रूप देखने को मिलता है. पुराने ज़माने में या विद्वानों की भाषा में कहें तो प्राचीन संस्कृतियों में, गांव में औषधि बेचने वाले लोग समुदाय के डॉक्टरों के रूप में काम किया करते थे. यह चिकित्सा ज्ञान बाद में वे पालन करने वाले प्रशिक्षुओं के बीच बाँटा करते थे.

पारंपरिक चिकित्सा, पूरक चिकित्सा और वैकल्पिक चिकित्सा समेत चिकित्सा पद्धतियों की कई श्रेणियां प्राकृतिक उपचार के अंतर्गत आती हैं. आमतौर पर, प्राकृतिक उपचार का मतलब उन चिकित्सा पद्धतियों से है जो आधुनिक चिकित्सा के आगमन से पहले हुआ करती थीं. इनमें हर्बल दवाएं, या फ़ाइटोथेरेपी शामिल है, जो चीनी, आयुर्वेदिक (या भारतीय) और ग्रीक औषधि में प्रचलित है.

प्राकृतिक उपचार को गुप्त चिकित्सा किसने बनाया?

आधुनिक चिकित्सा के आगमन पर, कई पेशेवर चिकित्सकों ने मानव निर्मित मेडिसिन के पक्ष में जड़ी-बूटियों का उपयोग करना बंद कर दिया. इस तथ्य को भुला दिया गया कि यह उपचार कुछ जड़ी-बूटियों में पाए जाने वाले औषधिय अर्थात उपचार गुणों पर आधारित है. उदाहरण के लिए, अफीम, डिजिटालिस, क्विनिन और एस्पिरिन, इन सभी की जडें पारंपरिक चिकित्सा से जुड़ी हैं.

प्राकृतिक चिकित्सा अर्थात प्राकृतिक उपचार को विलुप्त कला के रूप में माना जा सकता है. इसका अर्थ यह नहीं है कि समय के साथ इसकी प्रभावकारिता खो गई है. कुछ मामलों में, प्राकृतिक उपचार वास्तव में आधुनिक चिकित्सा से बेहतर मानी जाती है. यह कुछ डॉक्टरों को प्राकृतिक चिकित्सा के संभावित उपयोगों को गंभीरता से विचार और अध्ययन करने के लिए प्रेरित करता है.

इस विषय पर जानकारी देना जारी रखने से पहले, यह बता देना जरुरी है कि सभी तरह का प्राकृतिक उपचार वैध नहीं है. केवल उन उपचारों से ही आपको मदद मिलेगी जिनका अच्छी तरह से अध्ययन हो चुका है और जो अपेक्षाकृत जोखिम मुक्त हैं.

उदाहरण के लिए आप हर्बल दवा को चुन सकते हैं. आज बहुत ही अच्छी तरह से प्रलेखित और अध्ययन किया हुआ हर्बल उपचार उपलब्ध है. हालांकि, स्वास्थ्य पेशेवरों द्वारा केवल मामूली बीमारियां जैसे कि खांसी, सर्दी, बुखार, त्वचा की चकत्ते और उसके समान रोगों में ही हर्बल उपचार सुझाए जाने की संभावना होती है. ये उपचार कभी-कभी सिंथेटिक चिकित्सा से बेहतर होते हैं. इसका कारण यह है कि हर्बल दवाओं के सेवन से कोई दुष्परिणाम नहीं होता है.

वर्तमान में बिमारियों का प्राकृतिक उपचार.

वर्तमान में ऐसे कई संगठन हैं जो प्राकृतिक उपचार के प्रभाव और इस उपचार के वकालत का अध्ययन करते हैं, इनमें हर्बल दवाएं भी शामिल हैं. कुछ सरकारें और स्वास्थ्य एजेंसियां ​​खुलेआम प्राकृतिक तरीकों के इस्तेमाल की वकालत करती हैं, क्योंकि वे सस्ती और अपेक्षाकृत जोखिम मुक्त हैं.

जैसे-जैसे उनके अध्ययनों को संकलित और स्वीकार किया जाता है, दवाओं की सूची में और अधिक जड़ी-बूटी और उपचार जोड़े जाते हैं. हालांकि, कई जड़ी-बूटियाँ और उपचार फर्जी साबित हुए हैं. यह उपयोगकर्ता और एजेंसियाँ दोनों के लिए एक चुनौती है, क्योंकि उन्हें यह पता लगाना होगा कि जिस उपचार का वे उपयोग या वकालत करते हैं, वे वैध हैं या नहीं.

आज वैकल्पिक चिकित्सा में कई उपचार मौजूद हैं जो प्राकृतिक चिकित्सा के अंतर्गत आते हैं. हालांकि, इन सभी को प्रभावी नहीं पाया गया है. इनमें होम्योपैथी, अरोमाथेरेपी, एक्यूपंक्चर और अन्य वैकल्पिक चिकित्सा उपचार शामिल हैं. इसलिए, यह इन उपचारों की वैधता के लिये विशेषज्ञों से परामर्श करना जरुरी हो जाता है.

प्राकृतिक दवा को साथ में रखनेवाली दवा के रूप में भी सोचा जाना चाहिए. अभी, वर्तमान सामूहिक चिकित्सकीय विचार से पता चलता है कि प्राकृतिक चिकित्सा का इस्तेमाल केवल आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के पूरक के लिए किया जाता है. मामूली बीमारियों के मामले में आपके विशेषज्ञ के रूप में हम वास्तव में आपको सलाह देते हैं कि आप प्राकृतिक उपचार ही लें.

प्राकृतिक उपचार और सदियों पुरानी गुप्त चिकित्सा का सच

प्राकृतिक उपचार और आधुनिक चिकित्सा.

आधुनिक चिकित्सा बीमारी का निदान और उपचार के आसपास घूमती है. प्राकृतिक चिकित्सा सहायक होती है क्योंकि यह सुझाव देती है कि इलाज केवल बीमारी के समय ही नहीं दिया जाना चाहिए. प्राकृतिक चिकित्सा का लक्ष्य है कि प्रत्येक रोगी अच्छे स्वास्थ्य के लिए अच्छी आदतें पाले. इन आदतों में अच्छा आहार, स्वस्थ रहने और नियमित प्राकृतिक उपचार शामिल हैं. और अधिक जानकारी के लिए पढ़ें: एक डाइट चार्ट जो आपकी जिंदगी बदल दे.

इसी विचार की वजह से हमारे माता-पिता हमें सब्जियाँ खाने के लिए कहते हैं. हां, इससे हमें एक स्वस्थ जीवन शैली मिलेगी और हमारे कल्याण को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा. मालिश, हर्बल दवा, अरोमाथेरेपी और अन्य कई चीज़ें प्राकृतिक चिकित्सा की नींव हैं.

यह पढ़कर आपको अजीब लग सकता है, लेकिन सच है कि अब विज्ञान, उत्कृष्टता की तलाश में, अतीत के ऋषियों के ज्ञान का अध्ययन कर रहा है. यह, हैरानी की बात है, हमें प्रकृति के उपायों के पास वापस ले जाती है. प्राकृतिक उपचार में रोजमर्रा की बीमारियों के लिए उपाय खोजने की संभावनाएं उत्साहजनक हैं. इसलिए जब तक हम यह सत्यापित नहीं कर सकें कि ये चिकित्सा वास्तव में हमारे स्वास्थ्य और हमारे समाज के लिए सहायक हैं, इन उपचारों का अध्ययन जारी रहना अच्छा है.

और अधिक जानकारी के लिए पढ़ें: डायबिटीज को ख़त्म करने के सात प्राकृतिक उपाय.