प्राकृतिक उपचार और सदियों पुरानी गुप्त चिकित्सा का सच - 5000 Year-Old Medical Secret Unearthed
प्राकृतिक उपचार

प्राकृतिक उपचार और सदियों पुरानी गुप्त चिकित्सा का सच

Posted On February 12, 2018 at 9:42 am by / No Comments

आजकल दुनियाभर में प्राकृतिक उपचार की धूम है. फिर भी, जब कभी भी आप बीमार पड़ते हैं, तो आप थक हारकर डॉक्टर के पास जाते हैं. और जब डॉक्टर के पास आप जायेंगे, निश्चित रूप से, वे दवाइयां लिखेंगे. आप सीधे दवा दुकान की तरफ जायेंगे और दवाएं खरीद लायेंगे. आप बड़ी उम्मीद के साथ उन दवाओं का सेवन करते हैं, और अच्छी तरह से ठीक भी हो जाते हैं. आजकल स्वास्थ्य पेशे में ठीक इसी तरह से निदान (डायग्नोसिस) और नुस्खे (प्रिस्क्रिप्शन) का चक्र चलता है. लेकिन सदियों पुरानी एक गुप्त चिकित्सा जिसके बारे में हम इस पेज पर बात करनेवाले हैं, पूरा पढने के बाद नीचे कमेंट करके आप बताएँ कि यह गुप्त कैसे रह गई?

अगर कोई आपको दवा के रूप में जड़ी-बूटियाँ लेने को कहता, तो आप शायद कहते कि वह व्यक्ति एक भोला आदमी (क्वेक) था. लेकिन आजकल, यह देखने के लिए अध्ययन किए जा रहे हैं कि वास्तव में जो जड़ी-बूटियाँ प्राकृतिक औषधि कहलाती है उनमें कोई औषधिय गुण है या नहीं.

प्राकृतिक उपचार में प्राकृतिक तरीकों से, हर्बल दवाओं और पारंपरिक प्रथाओं का उपयोग करके बीमारियों को ठीक किया जाता है. हर संस्कृति में प्राकृतिक चिकित्सा का एक रूप देखने को मिलता है. पुराने ज़माने में या विद्वानों की भाषा में कहें तो प्राचीन संस्कृतियों में, गांव में औषधि बेचने वाले लोग समुदाय के डॉक्टरों के रूप में काम किया करते थे. यह चिकित्सा ज्ञान बाद में वे पालन करने वाले प्रशिक्षुओं के बीच बाँटा करते थे.

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पारंपरिक चिकित्सा, पूरक चिकित्सा और वैकल्पिक चिकित्सा समेत चिकित्सा पद्धतियों की कई श्रेणियां प्राकृतिक उपचार के अंतर्गत आती हैं. आमतौर पर, प्राकृतिक उपचार का मतलब उन चिकित्सा पद्धतियों से है जो आधुनिक चिकित्सा के आगमन से पहले हुआ करती थीं. इनमें हर्बल दवाएं, या फ़ाइटोथेरेपी शामिल है, जो चीनी, आयुर्वेदिक (या भारतीय) और ग्रीक औषधि में प्रचलित है.

प्राकृतिक उपचार को गुप्त चिकित्सा किसने बनाया?

आधुनिक चिकित्सा के आगमन पर, कई पेशेवर चिकित्सकों ने मानव निर्मित मेडिसिन के पक्ष में जड़ी-बूटियों का उपयोग करना बंद कर दिया. इस तथ्य को भुला दिया गया कि यह उपचार कुछ जड़ी-बूटियों में पाए जाने वाले औषधिय अर्थात उपचार गुणों पर आधारित है. उदाहरण के लिए, अफीम, डिजिटालिस, क्विनिन और एस्पिरिन, इन सभी की जडें पारंपरिक चिकित्सा से जुड़ी हैं.

प्राकृतिक चिकित्सा अर्थात प्राकृतिक उपचार को विलुप्त कला के रूप में माना जा सकता है. इसका अर्थ यह नहीं है कि समय के साथ इसकी प्रभावकारिता खो गई है. कुछ मामलों में, प्राकृतिक उपचार वास्तव में आधुनिक चिकित्सा से बेहतर मानी जाती है. यह कुछ डॉक्टरों को प्राकृतिक चिकित्सा के संभावित उपयोगों को गंभीरता से विचार और अध्ययन करने के लिए प्रेरित करता है.

इस विषय पर जानकारी देना जारी रखने से पहले, यह बता देना जरुरी है कि सभी तरह का प्राकृतिक उपचार वैध नहीं है. केवल उन उपचारों से ही आपको मदद मिलेगी जिनका अच्छी तरह से अध्ययन हो चुका है और जो अपेक्षाकृत जोखिम मुक्त हैं.

उदाहरण के लिए आप हर्बल दवा को चुन सकते हैं. आज बहुत ही अच्छी तरह से प्रलेखित और अध्ययन किया हुआ हर्बल उपचार उपलब्ध है. हालांकि, स्वास्थ्य पेशेवरों द्वारा केवल मामूली बीमारियां जैसे कि खांसी, सर्दी, बुखार, त्वचा की चकत्ते और उसके समान रोगों में ही हर्बल उपचार सुझाए जाने की संभावना होती है. ये उपचार कभी-कभी सिंथेटिक चिकित्सा से बेहतर होते हैं. इसका कारण यह है कि हर्बल दवाओं के सेवन से कोई दुष्परिणाम नहीं होता है.

वर्तमान में बिमारियों का प्राकृतिक उपचार.

वर्तमान में ऐसे कई संगठन हैं जो प्राकृतिक उपचार के प्रभाव और इस उपचार के वकालत का अध्ययन करते हैं, इनमें हर्बल दवाएं भी शामिल हैं. कुछ सरकारें और स्वास्थ्य एजेंसियां ​​खुलेआम प्राकृतिक तरीकों के इस्तेमाल की वकालत करती हैं, क्योंकि वे सस्ती और अपेक्षाकृत जोखिम मुक्त हैं.

जैसे-जैसे उनके अध्ययनों को संकलित और स्वीकार किया जाता है, दवाओं की सूची में और अधिक जड़ी-बूटी और उपचार जोड़े जाते हैं. हालांकि, कई जड़ी-बूटियाँ और उपचार फर्जी साबित हुए हैं. यह उपयोगकर्ता और एजेंसियाँ दोनों के लिए एक चुनौती है, क्योंकि उन्हें यह पता लगाना होगा कि जिस उपचार का वे उपयोग या वकालत करते हैं, वे वैध हैं या नहीं.

आज वैकल्पिक चिकित्सा में कई उपचार मौजूद हैं जो प्राकृतिक चिकित्सा के अंतर्गत आते हैं. हालांकि, इन सभी को प्रभावी नहीं पाया गया है. इनमें होम्योपैथी, अरोमाथेरेपी, एक्यूपंक्चर और अन्य वैकल्पिक चिकित्सा उपचार शामिल हैं. इसलिए, यह इन उपचारों की वैधता के लिये विशेषज्ञों से परामर्श करना जरुरी हो जाता है.

प्राकृतिक दवा को साथ में रखनेवाली दवा के रूप में भी सोचा जाना चाहिए. अभी, वर्तमान सामूहिक चिकित्सकीय विचार से पता चलता है कि प्राकृतिक चिकित्सा का इस्तेमाल केवल आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के पूरक के लिए किया जाता है. मामूली बीमारियों के मामले में आपके विशेषज्ञ के रूप में हम वास्तव में आपको सलाह देते हैं कि आप प्राकृतिक उपचार ही लें.

प्राकृतिक उपचार और सदियों पुरानी गुप्त चिकित्सा का सच

प्राकृतिक उपचार और आधुनिक चिकित्सा.

आधुनिक चिकित्सा बीमारी का निदान और उपचार के आसपास घूमती है. प्राकृतिक चिकित्सा सहायक होती है क्योंकि यह सुझाव देती है कि इलाज केवल बीमारी के समय ही नहीं दिया जाना चाहिए. प्राकृतिक चिकित्सा का लक्ष्य है कि प्रत्येक रोगी अच्छे स्वास्थ्य के लिए अच्छी आदतें पाले. इन आदतों में अच्छा आहार, स्वस्थ रहने और नियमित प्राकृतिक उपचार शामिल हैं. और अधिक जानकारी के लिए पढ़ें: एक डाइट चार्ट जो आपकी जिंदगी बदल दे.

इसी विचार की वजह से हमारे माता-पिता हमें सब्जियाँ खाने के लिए कहते हैं. हां, इससे हमें एक स्वस्थ जीवन शैली मिलेगी और हमारे कल्याण को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा. मालिश, हर्बल दवा, अरोमाथेरेपी और अन्य कई चीज़ें प्राकृतिक चिकित्सा की नींव हैं.

यह पढ़कर आपको अजीब लग सकता है, लेकिन सच है कि अब विज्ञान, उत्कृष्टता की तलाश में, अतीत के ऋषियों के ज्ञान का अध्ययन कर रहा है. यह, हैरानी की बात है, हमें प्रकृति के उपायों के पास वापस ले जाती है. प्राकृतिक उपचार में रोजमर्रा की बीमारियों के लिए उपाय खोजने की संभावनाएं उत्साहजनक हैं. इसलिए जब तक हम यह सत्यापित नहीं कर सकें कि ये चिकित्सा वास्तव में हमारे स्वास्थ्य और हमारे समाज के लिए सहायक हैं, इन उपचारों का अध्ययन जारी रहना अच्छा है.

और अधिक जानकारी के लिए पढ़ें: डायबिटीज को ख़त्म करने के सात प्राकृतिक उपाय.

 

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