डायबिटीज में अपने पैरों की देखभाल कैसे करें?

डायबिटीज में अपने पैरों की देखभाल कैसे करें - Thinking is a job - Healthy inspiration

अगर आपको डायबिटीज है और आप अपनी हालत के प्रबंधन के बारे में डायबिटीज की जानकारी रखते हैं तो यह आपके फायदे के लिए अति महत्वपूर्ण है. डायबिटीज के मरीजों को समय के साथ-साथ कई कठिनाइयों से गुजरना पड़ता है. खासकर अगर पैरों में घाव होने की सम्भावना हो तो अपने पैरों की देखभाल ज़िन्दगी बचाने जितना महत्वपूर्ण हो जाता है.

अगर किसी भी वजह से आप अपने पैरों की देखभाल नहीं कर पाते हैं तो आप जानबूझकर अपने घाव या संक्रमण को बढ़ने का मौका देते हैं. घावों या संक्रमणों के अधिक विकसित होने पर आपके पैरों की स्थिति काफी ख़राब हो सकती है. और आप जानते होंगे कि पैरो के घाव या संक्रमण जब सबसे ख़राब स्थिति में पहुँचते हैं तो डायबिटीज के मरीज़ को अंग विच्छेदन के दर्द से गुजरना पड़ता है. ऐसा डायबिटीज से पीड़ित कई पुराने मरीजों के साथ हो चुका है.

अगर आप चाहते हैं कि आपके पैरों में कभी संक्रमण या घाव न हो, या आपको कभी अंग विच्छेदन की तकलीफ से न गुजरना पड़े, तो आपको अपने दैनिक जीवन में निम्नलिखित सात बातों का ध्यान रखना चाहिये.

डायबिटीज में अपने पैरों की देखभाल करके संक्रमण, घाव या अंग विच्छेदन से बचने के सात उपाय.

  1. अपने पैरों की प्रतिदिन जांच करें. अपने पैरों की देखभाल खासकर तब और भी जरुरी हो जाता है जब आपके पैरों में संवेदनशीलता कम हो जाय या कुछ भी महसूस ही न हो. घाव, पैर का कटना, पैरों में खरोंच लगना, आदि को नज़रअंदाज़ किया जाना समस्या को और तकलीफदेह बनाकर अंग विच्छेदन की तरफ ले जाती है.
  2. नंगे पैर न घूमें, यहाँ तक कि घर के अन्दर भी नंगे पैर प्रवेश न करें. खाली पैर घूमने पर किसी चीज़ पर पैर दे देना, अपने पैर की उँगलियों में चोट लगा लेना या किसी चीज़ से पैर कट जाना बहुत आसान होता है. जूते, मौजे या चप्पल पहनकर अपने पैरों की देखभाल करें और उन्हें सुरक्षित रखें.
  3. अगर आपके पैरों में दाने या कॉलस हैं तो सावधान रहें. आजकल कई सारे हर्बल प्रोडक्ट्स मौजूद हैं (क्लिक करें ) आप जिनकी मदद से अपने पैरों में आ रहे दाने का उपचार कर सकते हैं. अपने डॉक्टर या पोडियाट्रिस्ट से मिलकर उनकी देखभाल करने का सबसे अच्छा तरीका चुनें.
  4. अपने पैरों को हल्का गर्म पानी से धोएं. भले ही आप पूरे दिन खड़े रहे हों, लेकिन अपने पैरों को भीगने न दें. क्योंकि यह आपकी त्वचा को सुखा सकता है और दरारें या घावों को पनपने का मौका दे सकता है.
  5. विशेष रूप से अपने पैर की उंगलियों के बीच अपने पैरों को सुखाने के लिए विशेष सावधानी बरतें. ये प्राकृतिक नमी जाल हैं – उन्हें नम या गीला छोड़कर सभी प्रकार की समस्याओं को जन्म देने का खतरा न उठाएँ.
  6. अपने पैरों और तलवों को नियमित रूप से व्यायाम कराएँ. जब आप बैठे रहते हैं उस समय भी अपने एंगल्स घुमाएं; अपने पैर की उंगलियों को घुमाएं या अपने पैरों को ऊपर और नीचे ले जाएं. ये सभी क्रियाएँ आपके रक्त परिसंचरण को बहते रहने में मदद करती हैं. अगर आप अपने पैरों की देखभाल अच्छी तरह से करना चाहते हैं और पैर की समस्याओं के जोखिम को कम करना चाहते हैं तो अपने पैरों को नियमित रूप से व्यायाम कराएँ.
  7. संवेदनशीलता और किसी भी तरह की समस्या के संकेतों के लिए साल में कम से कम एक बार अपने पैरों को प्रोफेशनल रूप से चेक कराएँ. आप आमतौर पर ऐसा तभी कर सकते हैं जब आप अपने ए1सी स्तर (3 महीने की अवधि में रक्त ग्लूकोज का स्तर), रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल के लिए अपनी वार्षिक जांच कराएँ.

अंग विच्छेदन से बचना चाहते हैं तो अपने पैरों की देखभाल निरंतर करें. यदि आप अपने नाखूनों को ट्रिम करने या घावों की जांच करते समय झुकने में सक्षम नहीं हैं तो किसी सहयोगी रिश्तेदार या पेशेवर हेल्थ केयर प्रोवाइडर से सहायता प्राप्त करें. ऐसी स्थिति में चिकित्सक या नर्स को वरीयता दें तो बेहतर है. इन सरल क्रियाकलापों की मदद से आप दर्दनाक समस्याओं के जोखिम को कम कर सकते हैं.

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