डायबिटीज को कण्ट्रोल करता है हफ्ते में इतने दिनों का उपवास

डायबिटीज को कण्ट्रोल करता है हफ्ते में दो दिनों का उपवास

अगर आप डायबिटीज को झेल रहे हैं तो आप जानते होंगे कि अपने ब्लड शुगर को नियंत्रण में रखना आपके लिए सबसे अधिक जरुरी है. यह भी एक सत्य है कि टाइप-2 डायबिटीज में ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के लिये अपने वजन को नियंत्रित करना बेहद जरुरी है. इसलिये डायबिटीज के मरीज़ जब भी किसी चिकित्सक से मिलते हैं तो उन्हें अपने खान-पान को नियंत्रित करने की सलाह दी जाती है. लेकिन खान-पान पर लम्बे समय तक नियंत्रण रखना हर किसी के लिए संभव नहीं हो पाता है. और इसी वजह से आप एक चिकित्सक की सलाह के बाद किसी दूसरे चिकित्सक की तलाश करने लगते हैं.

ठहरिये, अब ब्लड शुगर को कण्ट्रोल करने के लिए आपको बार-बार अपना डाइट चार्ट नहीं बदलना पड़ेगा. क्या आप जानते हैं कि डायबिटीज को काबू में रखने के लिये किसी कठोर डाइट चार्ट (कैलोरी नियंत्रित करनेवाली डाइट) को फॉलो करने की जरुरत नहीं है. आइये जानते हैं कि किसी कठोर डाइट चार्ट का अनुसरण किये बिना आप अपनी डायबिटीज को अन्य तरीके से कैसे नियंत्रित कर सकते हैं.

कैलोरी नियंत्रित करनेवाली डाइट के बिना अन्य तरीके से डायबिटीज को नियंत्रित करने का यह दावा यूनिवर्सिटी ऑफ़ साउथ ऑस्ट्रेलिया के विशेषज्ञों ने किया है. इन विशेषज्ञों ने भी रूक-रूक कर उपवास रखने की सलाह दी है. इस विषय पर एक समाचार बीबीसी डॉट कॉम ने पिछले साल ही प्रकाशित किया था.

रूक-रूक कर उपवास रखने का सटीक मतलब है हफ्ते में पाँच दिन सामान्य भोजन करना और बांकी दो दिन उपवास रखना. साउथ ऑस्ट्रेलिया की उस यूनिवर्सिटी में शोध करनेवाले विशेषज्ञों का कहना है कि हफ्ते में दो दिन उपवास रखने पर भी आपके कैलोरी की साप्ताहिक खपत 600 कैलोरी ही रहेगी.

डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए मोटापा को नियंत्रित रखें.

दुनियाभर में डायबिटीज पर हो रहे शोध से अब यह स्पष्ट हो चुका है कि टाइप-2 डायबिटीज को नियंत्रण में रखने के लिये मोटापे को काबू करना अत्यंत आवश्यक है. मोटापा से ग्रसित व्यक्तियों में टाइप-2 डायबिटीज का विकसित होना एक आम बात है. और डायबिटीज हो जाने पर कैलोरी आधारित कठोर डाइट चार्ट का अनुसरण करना भी एक आम बात है. लेकिन एक कठोर डाइट चार्ट को फॉलो करने के बाद भी हो सकता है कि आपका ब्लड शुगर नियंत्रित न हो.

चिकित्सकों का कहना है कि लीवर में फैट जमा होने की वजह से कठोर डाइट चार्ट के पालन के बाद भी ब्लड शुगर को काबू में रखना मुश्किल हो जाता है. यही स्थिति आगे चलकर शरीर में इन्सुलिन प्रतिरोध को जन्म देती है. और शरीर इन्सुलिन के खिलाफ प्रतिरोध करने लगता है.

क्या आप किसी ऐसे इन्सान को जानते हैं जो प्रतिदिन एक ही तरह का खाना खाए? आपका जवाब शायद नकारात्मक होगा. एक ही तरह के खान-पान पर न टिक पाने वाले लोगों के लिए पूरे हफ्ते एक कठोर डाइट चार्ट का सेवन करना सचमुच बहुत मुश्किल होता है. अगर किसी ने मन मारकर ऐसा किया तो उसकी स्थिति और ख़राब हो सकती है. ऐसी स्थिति में हर हफ्ते पाँच दिन सामान्य भोजन करना और बांकी दो दिन उपवास रखना एक बेहतर विकल्प है.

हर हफ्ते दो दिन उपवास रखकर डायबिटीज के मरीज़ अपने हफ्ते भर की कैलोरी को नियंत्रित कर सकते हैं. बीबीसी डॉट कॉम पर छपी खबर में कहा गया था कि इसके लिए आपको हफ्ते में लगातार दो दिन उपवास रखना पड़ेगा. लेकिन यूनिवर्सिटी ऑफ़ साउथ ऑस्ट्रेलिया के विशेषज्ञों का कहना है कि आपको लगातार दो दिन उपवास करने की जरुरत नहीं है. आप अपनी सुविधा अनुसार उपवास रखने के लिए हफ्ते का कोई भी दो दिन चुन सकते हैं.

अगर आपको डायबिटीज है तो डायबिटीज को कण्ट्रोल करने के लिये हफ्ते में पाँच दिन सामान्य भोजन खाएं और दो दिन उपवास रखें.

आप इस बात से जरुर वाकिफ होंगे कि डायबिटीज के मरीजों को अपने ब्लड शुगर का स्तर सामान्य बनाये रखने के लिए पौष्टिक भोजन लेना चाहिए. इसलिए अपने भोजन को चुनने में सावधानी बरतना बेहद आवश्यक है. आप अपने चिकित्सक से जब भी मिलें, उन्हें अपने भोजन की जानकारी जरूर दें.

यूनिवर्सिटी ऑफ़ साउथ ऑस्ट्रेलिया में हुए अनुसन्धान के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि डायबिटीज के मरीज़ हफ्ते में दो दिन उपवास रखकर बाँकी पाँच दिन वो जो चाहें खा सकते हैं. हफ्ते के सातों दिन इस डाइट चार्ट को फॉलो करें या पाँच दिन अनुपात दो दिन (5:2) प्लान, इन दोनों ही तरीकों से ब्लड ग्लूकोज को समान रूप से नियंत्रित किया जा सकता है.

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