जड़ी-बूटियाँ और पूरक आहार, डायबिटीज का सर्वश्रेष्ठ उपचार

क्या जड़ी-बूटियाँ और पूरक आहार डायबिटीज नियंत्रित करने में मदद कर सकता है? इन दस सर्वश्रेष्ठ जड़ी-बूटियाँ और पूरक आहार ने ब्लड शुगर को कम करने, इंसुलिन की संवेदनशीलता बढ़ाने, उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को कम करने में डायबिटीज से पीड़ित मरीजों को काफी लाभ पहुँचाया है.

अपने आहार के साथ किसी भी नई दवा को जोड़ने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें. खासकर तब जब उस दवा में आपके ब्लड शुगर को कम करने की क्षमता हो. आपको अपने ब्लड शुगर को अधिक बार जांचना पड़ सकता है. और संभवत: आपके डॉक्टर को आपकी दवा की खुराक को समायोजित करना पड़ सकता है. यदि आपको एक या दो महीने के बाद परिणाम दिखाई न दे, तो अपना पैसा बर्बाद करना बंद कर दें.

अधिक जानकारी के लिए आप जड़ी-बूटियाँ और पूरक आहार के विशेषज्ञ नंदन वर्मा की सलाह ले सकते हैं.

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डायबिटीज की रामबाण दवा है जड़ी-बूटियाँ और पूरक आहार

गुरमार पाउडर – जड़ी-बूटियाँ और पूरक आहार में पहला स्थान

मुख्य उपयोग: ब्लड शुगर को कम करना

विशिष्ट खुराक: 200 से 250 मिलीग्राम दिन में दो बार

इस पौधे के नाम का हिंदी अनुवाद “चीनी विध्वंसक” होता है. और माना जाता है कि यह पौधा मिठास का पता लगाने की क्षमता को कम करता है. इसमें कसैले और यकृत उत्तेजक गुण होते हैं, जो सामान्य स्तर का ब्लड शुगर बनाए रखने के लिए अग्न्याशय अधिवृक्क ग्रंथियों और पाचन ग्रंथियों पर कार्य करते हैं. गुरमार जिगर और गुर्दा की मेटाबोलिक गतिविधियों को बनाए रखने में मदद कर सकता है.

डायबिटीज में ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने के लिए इसे सबसे शक्तिशाली जड़ी-बूटियाँ और पूरक आहार में से एक माना जाता है. कोशिकाओं को ग्लूकोज का उपयोग करने में मदद करनेवाले या इंसुलिन के उत्पादन को उत्तेजित करनेवाले एंजाइमों की गतिविधियों को बढ़ाकर यह आपकी काफी मदद कर सकता है. यद्यपि इसका व्यापक रूप से अध्ययन नहीं किया गया है, फिर भी यह किसी गंभीर साइड इफेक्ट का कारण नहीं है.

करेले का जूस – जड़ी-बूटियाँ और पूरक आहार में दूसरा स्थान

मुख्य उपयोग: ब्लड शुगर को कम करना

विशिष्ट खुराक: 50 से 100 मिलीलीटर रस (लगभग 3 से 6 बड़ा चमचा) दैनिक

उचित रूप से नामित, कड़वे करेले का जूस, कोशिकाओं को ग्लूकोज को अधिक प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने में मदद करता है. और आंत में चीनी अवशोषण को ब्लॉक करने में मदद करने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है. जब फिलीपीन के शोधकर्ताओं ने पुरुष और महिलाओं को तीन महीने के लिए कैप्सूल के रूप में कड़वे करेले का सेवन कराया, तो उन्होंने पाया कि उनलोगों में थोड़ी सी, लेकिन लगातार, एक ऐसी दवाई जिसमें कोई चिकित्सीय प्रभाव नहीं है, लेने वालों की तुलना में ब्लड शुगर का लेवल कम था.

करेले का जूस ब्लड शुगर (रक्त शर्करा) के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है. इस तरह की जड़ी-बूटियाँ और पूरक आहार आपके स्वास्थ्य को कई तरह से बेहतर बना सकता है. करेला रक्त परिसंचरण में उचित सुधार करने में मदद करता है. करेले में फास्फोरस काफी मात्रा में पाया जाता है. इसीलिए यह दाँत, मस्तिष्क, हड्डी, ब्लड और अन्य शारीरिक अंगो के लिए जरुरी फास्फोरस की पूर्ति भी कर सकता है. करेले में इन्सुलिन पर्यात मात्रा में होता है. इसलिए यह ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में समर्थ है.

मैग्नीशियम – जड़ी-बूटियाँ और पूरक आहार में तीसरा स्थान

मुख्य उपयोग: ब्लड शुगर को कम करना

विशिष्ट खुराक: एक दिन में एक बार 250 से 350 मिलीग्राम

मैग्नीशियम की कमी डायबिटीज से पीड़ित मरीजों में असामान्य बात नहीं है. जड़ी-बूटियाँ और पूरक आहार के बिना यह कमी उच्च ब्लड शुगर और इंसुलिन प्रतिरोध को खराब कर सकती है. कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि मैग्नीशियम का पूरक इंसुलिन के कामकाज को ठीक कर सकता है और ब्लड शुगर (रक्त शर्करा) के स्तर को कम कर सकता है.

लेकिन अन्य अध्ययनों में इसका कोई फायदा नज़र नहीं आया है. मैग्नीशियम का सप्लीमेंट लेने से पहले अपने डॉक्टर से मिलकर इस कमी के लिए आपको जांच करवानी पड़ सकती है.

कांटेदार नाशपाती कैक्टस – जड़ी-बूटियाँ और पूरक आहार में चौथा स्थान

मुख्य उपयोग: ब्लड शुगर को कम करना

विशिष्ट खुराक: यदि आप इसे एक भोजन के रूप में खाते हैं, तो एक दिन में 1/2 कप पका हुआ कैक्टस फल का लक्ष्य रखें. अन्यथा, लेबल पर अंकित दिशानिर्देश का पालन करें.

इस कैक्टस का पका हुआ (परिपक्व) फल कुछ छोटे अध्ययनों में ब्लड शुगर के स्तर को कम करने के लिए दिखाया गया है. आप अपने किराने की दुकान में इस फल को ढूंढ सकते हैं, लेकिन यदि यह फल वहां नहीं मिले, तो स्वास्थ्य खाद्य भंडार पर इसे रस या पाउडर के रूप में खरीद सकते हैं.

शोधकर्ताओं का अनुमान है कि यह फल संभवतः ब्लड शुगर को कम कर सकता है क्योंकि इसमें इंसुलिन के समान काम करने वाले घटक मौजूद हैं. इस फल में फाइबर भी उच्च मात्रा में है. जड़ी-बूटियाँ और पूरक आहार की विशेषता यह होती है कि इनका कोई दुष्परिणाम नहीं है.

गामा-लिनोलेनिक एसिड – जड़ी-बूटियाँ और पूरक आहार में पाँचवाँ स्थान

मुख्य उपयोग: तंत्रिका दर्द को आसान बनाना

विशिष्ट खुराक: एक दिन में 270 से 540 मिलीग्राम एक बार.

गामा-लिनोलेनिक एसिड, या जीएलए, एक फैटी एसिड है जो इवनिंग प्रिमरोज आयल में पाया जाता है. कुछ शोध से पता चलता है कि डायबिटीज से पीड़ित मरीजों में जीएलए का स्तर इष्टतम स्तर से भी कम होता है. और अध्ययनों से पता चला है कि यह सप्लीमेंट डायबिटीज से जुड़े तंत्रिका दर्द को कम करके उसे रोक सकता है. गामा-लिनोलेनिक एसिड का प्रयोग कई बीमारियों, स्थितियों और लक्षणों के उपचार, नियंत्रण, रोकथाम और सुधार के लिए किया जाता है. जैसे – छाती में दर्द, खुजली, सूजन-संबंधी रोग और मधुमेह-संबंधी तंत्रिकाविकृति.

डायबिटीज के दुष्परिणाम न्यूरोपैथी में जीएलए के संभावित लाभों के लिए इसका अध्ययन किया गया है. मधुमेह के रोगियों में आवश्यक फैटी एसिड चयापचय की असामान्यताएं हैं, और इसलिए इन रोगियों में आवश्यक फैटी एसिड की अधिक मात्रा की आवश्यकता होती है. अध्ययनों से पता चला है कि मोतियाबिंद, रेटिनोपैथी और हृदय संबंधी क्षति के विकास को आवश्यक फैटी एसिड के बड़े दैनिक खुराक से धीमा किया जा सकता है. GLA के साथ इलाज करते समय नैदानिक ​​अध्ययन ने न्यूरोपैथी के लगातार और प्रगतिशील सुधार का प्रदर्शन किया है.

क्रोमियम – जड़ी-बूटियाँ और पूरक आहार में छठा स्थान

मुख्य उपयोग: ब्लड शुगर को कम करना

विशिष्ट खुराक: एक बार दैनिक 200 माइक्रोग्राम.

माना जाता है कि यह ट्रेस खनिज इंसुलिन की कार्रवाई बढ़ाने के साथ-साथ कार्बोहाइड्रेट, वसा और प्रोटीन चयापचय में भी शामिल है. कुछ शोध से पता चलता है कि यह ब्लड शुगर को सामान्य करने में मदद करता है. लेकिन ऐसा केवल क्रोमियम की कमी वाले लोगों में ही होता है.

क्रोमियम के पूरक का अध्ययन विभिन्न संकेतों, विशेष रूप से मधुमेह और वजन घटाने के लिए किया गया है, लेकिन नैदानिक ​​अध्ययनों में असंगत परिणामों का पता चला है.

बुलबेरी – जड़ी-बूटियाँ और पूरक आहार में सातवाँ स्थान

मुख्य उपयोग: आंखों और नसों की रक्षा करना

विशिष्ट खुराक: 80 से 120 मिलीग्राम प्रति दिन दो बार.

इसे ब्लूबेरी का एक रिश्तेदार माना जाता है. इसके फल और पत्तियों में शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट होते हैं. एंटीऑक्सीडिन नामक ये एंटीऑक्सिडेंट, छोटे रक्त वाहिकाओं को किसी भी नुकसान से बचने में मदद करते हैं जो नर्व दर्द और रेटिनोपैथी (आंख की रेटिना को नुकसान) के रूप में परिवर्तित हो सकते हैं. पशु अध्ययनों से यह भी सुझाव दिया गया है कि ब्लूबेरी ब्लड शुगर को कम कर सकता है.

अल्फ़ा लिपोइक अम्ल – जड़ी-बूटियाँ और पूरक आहार में आठवाँ स्थान

मुख्य उपयोग: ब्लड शुगर को कम करना, तंत्रिका दर्द को आसान बनाना.

विशिष्ट खुराक: 600 से 800 मिलीग्राम प्रतिदिन दिन.

अल्फ़ा लिपोइक अम्ल को शोर्ट में एएलए कहा जाता है, यह विटामिन-जैसे पदार्थ कई प्रकार के मुक्त कणों को निष्क्रिय कर देता है. उच्च ब्लड शुगर की वजह से मुक्त कणों का निर्माण, तंत्रिका क्षति और अन्य समस्याओं का कारण बन सकता है. एएलए मांसपेशियों की कोशिकाओं को ब्लड शुगर लेने में भी मदद कर सकता है. एक जर्मन अध्ययन में, वैज्ञानिकों की एक टीम ने 40 वयस्कों को एएलए सप्लीमेंट या कोई भी दूसरी दवा लेने को कहा.

चार सप्ताह के अध्ययन के अंत में, एएलए समूह ने अपने इंसुलिन संवेदनशीलता में 27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की थी. दूसरी दवा लेने वाले समूह में कोई सुधार नहीं देखा गया. अन्य अध्ययनों में पाया गया कि इससे तंत्रिका दर्द, स्तब्धता और जलन में कमी आती है.

मेंथी – जड़ी-बूटियाँ और पूरक आहार में नौवाँ स्थान

मुख्य उपयोग: ब्लड शुगर को कम करना

विशिष्ट खुराक: प्रत्येक भोजन के साथ 5 से 30 ग्राम या प्रति दिन एक भोजन के साथ 15 से 90 ग्राम.

इन बीजों को भारत में खाना पकाने में इस्तेमाल किया जाता है. कई पशु और मानव अध्ययनों के अनुसार, इन बीजों में ब्लड शुगर को कम करने, इंसुलिन की संवेदनशीलता में वृद्धि और उच्च कोलेस्ट्रॉल कम करने के गुण पाए जाते हैं. यह प्रभाव आंशिक रूप से बीज की उच्च फाइबर सामग्री के कारण हो सकता है.

मेंथी के बीज में एक एमिनो एसिड होता है, जो इंसुलिन के प्रवाह को बढ़ावा देता है. मेथी पर सबसे बड़े अध्ययनों में से एक में, 60 लोग जिन्होंने 25 ग्राम मेंथी रोज़ ली, उनमें ब्लड शुगर नियंत्रण में महत्वपूर्ण सुधार हुआ.

जिनसेंग – जड़ी-बूटियाँ और पूरक आहार में दसवाँ स्थान

मुख्य उपयोग: ब्लड शुगर को कम करना

विशिष्ट खुराक: कैप्सूल या टैबलेट के फॉर्म में प्रति दिन 1 से 3 ग्राम या 3 से 5 मिलीलीटर को पीसकर प्रतिदिन तीन बार.

इसकी प्रतिरक्षा बढ़ाने की क्षमता और बीमारी से लड़ने वाले लाभ के लिए इसे जाना जाता है. इस चीनी जड़ी बूटी पर डायबिटीज के कई सकारात्मक अध्ययन हो चुके हैं. शोधकर्ताओं ने पाया है कि जिनसेंग कार्बोहाइड्रेट अवशोषण को धीमा कर देता है; कोशिकाओं की ग्लूकोज का इस्तेमाल करने की क्षमता बढ़ जाती है; और अग्न्याशय से इंसुलिन स्राव बढ़ता है.

टोरंटो विश्वविद्यालय से एक टीम ने बार-बार प्रदर्शन किया है कि दूसरी गोलियों की तुलना में जिनसेंग कैप्सूल रक्त शर्करा का स्तर 15 से 20 प्रतिशत कम कर सकता है.

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